एक थैली मे रहें दिन रात…. भाई हद्द है …
और उधर संसद मे जूता-लात… भाई हद्द है
आपके पैसे की रिश्वत आप को
सड़क बिजली घर की लालच आपको
चुनावी मौसम मे सेवक आपके
जीत कर पूंछें न अपने बाप को
आप ही के धन से धन्नासेठ हैं
आप ही पर लगाते हैं घात … भाई हद्द है
शिकारी या भिखारी हर वेश मे
जहाँ मौका मिले धन्धा कूट लें
क्या गजब का हुनर पाया है कि ये
जिस तरफ नज़रें उठा दें लूट लें
दो धड़ों मे बाँट कर इन्सान को
एक चिंगारी उछालें ………फूट लें
अब लगी अपनी बुझाओ आप … भाई हद्द है
जाति भाषा क्षेत्र वर्गों मे फंसी
सोच अपनी जेल बन कर रह गई
वोट के आखेट पर हैं रहनुमा
राजनीति गुलेल बन कर रह गई
लोकशाही आज के इस दौर मे
खानदानी खेल बन कर रह गई
जिन्हें उंगली पकड़ चलना सिखाया
वही बन बैठे हैं माई बाप… भाई हद्द है
अहो भाव का स्वप्निल नवल विहान आपके आंगन में मन वीणा पर गुम्फित मधुरिम तान आपके अंगन में
अनुरंजित कर मानस अपना नव संचार संवारने दें नृत्य चले आनंद भाव का नूपुर टूट बिखरने दें परम शान्ति सद्भाव प्रेम का गान आपके आँगन में मन वीणा पर गुम्फित मधुरिम तान आपके अंगन में
मदिर फुहार झरे चंदनियां मरु अंतस को धो जाए नर्तन हो इश्वर मय हो कर अपना पन ही खो जाए शाश्वत अविरल विपुल कान्ति मुस्कान आपके आंगन में मन वीणा पर गुम्फित मधुरिम तान आपके अंगन में
जले दीप से दीप जगत में प्रीति भरी अरुणाई हो मिले गीत से गीत स्वरों में मादकता तरुणाई हो सत्यम शिवम् सुन्दरम का प्रतिमान आपके आँगन में मन वीणा पर गुम्फित मधुरिम तान आपके आँगन में
एक्सेल पर काम करते समय कई बार आवश्यकता होती है कि अंकों मे लिखी गयी धनराशि को शब्दों (रुपए पैसे) मे भी लिखा जाए (जैसे 1254.25 को One thousand two hundred fifty four and twentyfive paise Only)। यद्यपि एक्सेल मे माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से यह प्रयोग सीधे नहीं उपलब्ध कराया गया है। लेकिन इसका उपाय अलग से किया जा सकता है। थोड़े से प्रयास से आप भी ऐसा कर पाएंगे। इसके लिए आपको कुछ कोडिंग की आवश्यकता होगी जिसे आपकी सुविधा के लिए फाइल के रूप मे उपलब्ध कर दिया है जिसे यहाँ क्लिक कर के डाउनलोड कर लें।
1. सबसे पहले यहाँ क्लिक कर के विजुवल बेसिक की फाइल डाउनलोड कर लें। डाउनलोड की गयी फाइलें .rar फॉर्मेट मे ज़िप की गयी हैं, इन्हें डाउन्लोड करने के बाद डेस्कटॉप या कहीं अन्य स्थान पर एक्सट्रैक्ट कर लें जिससे उनको प्रयोग मे लाया जा सके। इनमे से एक फाइल (RsInword.bas) भारतीय रूपये के फॉर्मेट तथा (spellcurr.bas) इंग्लिश फॉर्मेट मे धनराशि का रूपान्तरण करने के लिए है।
2.माइक्रोसॉफ्ट आफिस मे जाएं और एक्सेल प्रोग्राम खोलें
3. Alt+F11 दबाएँ जिससे विजुवल बेसिक की विंडो खुलेगी।
4. File के टैब मे जा कर Import File का चयन करें और अपनी डाउन्लोड की गयी फाइल(RsInwords.bas) को चुनते हुए आयातित करें।
5. विजुवल बेसिक की विंडो बंद कर दें… अब आपकी एक्सेल शीट इस सुविधा के लिए तैयार है।
6. जिस ब्लॉक मे आपको अंकों का शब्द रूपान्तरण लेना है वहाँ निम्न सूत्र लगाएँ =RsInwords(A1) जहां A1 उस ब्लॉक के लिए है जहाँ धनराशि अंकों मे लिखी जानी है।
कभी तो सामने अंजाम भी आए कोई मेरी दुवाओं का असर भी तो पाए कोई किसी का नाम जुबां पर न सही दिल मे है कभी तस्वीर को आईना बनाए कोई कोरे कागज़ के पैरहन कभी रंगीन भी हों रंग बरसाए कभी झूम के गाए कोई जिसके घर लगता है हर शाम गमों का मेला जाए भी घर तो सिर्फ नाम को जाए कोईलहू सा उम्र भर जो बहते रहे सीने मे अब भुलाए तो उन्हें कैसे भुलाए कोई दर्द ऐसा न सहा जाए न छोड़ा जाआएइश्क कैसे तेरा भी साथ निभाए कोई दर्द से जिसने मरासिम बना लिया हो पद्म काहे पछताए कोई रंज मनाए कोई….. पद्म सिंह
फिर से घनघोर घाटा छाई है अमराई मे कहाँ हो आन मिलो शाम की तनहाई मे
विरह की आग पे छींटे न दे अरे बादल कहीं धुआँ न उठे फिर कहीं रुसवाई मे
चाँद बेज़ार भटकता रहा सरे मंज़र चाँदनी खोई बादलों की तमाशाई मे
रूठने और मनाने को बहुत हैं मौसम आज तो चूड़ियाँ मचलने दो कलाई मे
पद्म खिलने लगे हैं झील मे कंवल ऐसे जैसे केसर का रंग घुल गया मलाई मे
-…. पद्म सिंह- 04-07-2012
कहाँ जाने खो गयी हैं आँधियाँ क्यों नपुंसक हो गयी हैं आंधियाँ
हवाएँ पश्चिम से कुछ ऐसे चलीं युवा मन मे सो गयी हैं आंधियाँ
मुट्ठियाँ सब बुद्धिजीवी हो गयीं और तनहा हो गयी हैं आँधियाँ
आज घर मे शान्ति है धोका न खा अभी कल ही तो गयी हैं आंधियाँ
शक्ति, साहस, और लड़ने की ललक जाने क्या क्या बो गयी हैं आंधियाँ
“पद्म” सच मे बदलना है दौर तो जगाओ जो सो गयी हैं आंधियाँ
पद्म सिंह 02/05/20012
वर्डप्रेस डॉट कॉम पर काफी समय से ब्लागिंग करते रहने के बावजूद भी कभी पोस्ट मे पॉडकास्ट या आडियो नहीं पोस्ट किया था। एक दो बार कोशिश करने पर भी सफलता नहीं मिली थी। काफी मेहनत के बाद आज आखिर सफलता मिल ही गयी। आप भी कोशिश करिए सफलता अवश्य मिलेगी।
2- अपने ईमेल का इस्तेमाल करते हुए यहाँ क्लिक कर के आडियो-बू पर साइन अप कर लें और अपने ईमेल के इनबॉक्स मे आडियो-बू के लिंक पर क्लिक कर के इसे वेरिफ़ाई भी कर लें।
3 – आपको जो भी आडियो फाइल ब्लॉग पर लगानी है उसे audioboo पर अपलोड करें और सेव कर लें जिसके बाद आपकी अपलोडेड फाइल चलने लायक हो जाएगी। आपकी अपलोडेड फाइल चित्र के अनुसार दिखेगी जिसके सामने RSS फीड का लिंक दिखेगा जिसपर माउस का राइट क्लिक करके सफारी ब्राउसर के न्यू टैब(open in new tab) मे खोल लें
4- ऊपर चित्र के अनुसार फाइल के RSS फीड लिंक बटन पर राइट क्लिक करके नए टैब(सफारी ब्राउज़र) मे खोलने पर आपको नीचे चित्र के अनुसार कुछ इस तरह से आपकी फाइल दिखाई देगी -
5- अब हमेशा की तरह अपने वर्डप्रेस डॉट कॉम मे साइन इन करें और New Post आप्शन से नयी पोस्ट लिखने के स्थान पर पहुँचें।
6- html वाले आप्शन मे निम्नानुसार अपनी ऊपर चित्र के अनुसार मिली RSS लिंक को नीचे लिखे लाल रंग वाले लिंक के स्थान पर पेस्ट करना है …शेष html कोड(नीले रंग का) हर बार एक जैसा ही रहेगा।
html कोड जैसा लगाया जाना है -
7- अब आपकी आडियो प्लेयर तैयार है…. पोस्ट मे यदि कुछ और लिखना चाहें तो सामान्य पोस्टों की तरह उपरोक्त कोड से ऊपर या नीचे स्वतन्त्रता से लिख सकते हैं और अंततः टैग और कैटेगरी आदि सेट करते हुए अपनी नयी पोस्ट को पब्लिश कर दें। आपकी पोस्ट पर आपका प्लेयर दिखने लगेगा। बधाई !!!
आइये सुनें भारत की महान विभूतियों से परागित एकात्म स्त्रोत -
आपकी नज़र …