क्षणिकाएँ

ज्योतिपुंज बन कर अँधियारों से दो हाथ करेंगे

कठिन परिश्रम की कूँची से द्युति का रंग भरेंगे

हम भारत के अमर पुत्र साहस अपार मन मे है

कंटक पथ पर हँसते हँसते लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे !!


-पद्म सिंह*