हियरा के पीर(लोक गीत)

घुंघटा माँ छुपी तकदीर मोरी सजनी
कब मिटिहैं हियरा के पीर मोरी सजनी

होइहैं मिलन चितचोर मोरे सजना

चन्दा के होई दा अंजोर मोरे सजना


ढुलके ला मंद मंद पागल बयरिया

बदरा माँ छुपिछुपि जाला अंजोरिया

जियरा धरे नाही धीर मोरी सजनी

कब मिटिहैं हियरा के पीर मोरी सजनी

 

कैसे बताई पिया जियरा की बतिया

लागे है लाज मोहे धडके है छतिया

मनवा पे चले नही जोर मोरी सजना

चंदा के होई दा अंजोर मोरे सजना

 

तोहरा जो पल भर के प्यार मिलि जाला

तो मरते को जिनगी उधार मिलि जाला

देखा न नैनन के नीर मोरी सजनी

कब मिटिहैं हियरा के पीर मोरी सजनी

 

हमारी पिरितिया है चंदा चकोर की

तोहरी सुरतिया किरिनिया है भोर की

छोड़ा न अंचरा के कोर मोरे सजना

चंदा के होई दा अंजोर मोरे सजना

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